"गाँधी एक सवतंत्रता सेनानी ,रास्ट्रवादी और तानाशाह नेता थे "

गांधी जी के ५ बार नोवल पुरुस्कार खातिर नामाकन कैल गइल लेकिन दहल अको बार न गईल/
तनी हई देखि बापू के पुरुस्कार न देहला के दलील-
” वे बहुत जयादा रस्त्र्वादी थे ,पहले तो वे लगातार मसीहा बने रहे लेकिन बाद में वो एकाएक सामान्ये नेता बन गए”
“वे एक सवतंत्रता सेनानी ,रास्ट्रवादी और तानाशाह नेता थे “
इ दलील दिहल गईल नोबल समिति सलाहकार लोग के तरफ से बापू के बारे में/

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